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बीएससी सेमेस्टर-1 जन्तु विज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2022
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2657
आईएसबीएन :0

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बीएससी सेमेस्टर-1 जन्तु विज्ञान

प्रश्न- एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका की संरचना, जीवन-चक्र, रोगजन्यता एवं नियंत्रण का वर्णन कीजिए।

अथवा
एण्टअमीबा हिस्टोलिटिका पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर -

एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका
(Entamoeba histolytica)

वर्गीकृत स्थिति (Systematic Position) :

संघ (Phylum) - प्रोटोजोआ (Protozoa)
उपसंघ (Subphylum) - सार्कोमेस्टिगोफोरा (Sarcomastigophora)
वर्ग (Class) - राइजोपोडिया (Rhizopodea)
गण (Order) - अमीविडा (Amoebida)
वंश (Genus) - एण्टअमीबा (Entamoeba)
जाति (Species) - हिस्टोलायटिका (Histolytica)

इतिहास (History) - एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका की खोज सर्वप्रथम लैम्बल (Lamble) ने 1859 ई. में की थी तथा रूसी वैज्ञानिक फ्रेड्रिक लॉश (Friedrick Losch) ने 1875 ई. में इसके रोगजनक स्वभाव का पता लगाया। क्रेग (Craig) के अनुसार विश्व की लगभग 10% जनसंख्या अमीबिएसिस से पीड़ित है।

वितरण (Distribution) - एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका सम्पूर्ण विश्व में पाया जाता है, परन्तु यह समशीतोष्ण प्रदेश की अपेक्षा उष्ण एवं उपोष्ण प्रदेशों में अधिक वितरित होता है।

बास स्थान (Habit and Habitat) एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका मनुष्य की आँत सूक्ष्मदर्शीय अन्तः परजीवी (Endoparasite) है और सामान्यतया वह (Colon) के ऊपरी भाग में पाया जाता है। यह मनुष्य में अमीबीय पेचिश (Amoebic dysentery) या (Intestinal amoebiasis) आंत्रीय अमीबिएसिस रोग उत्पन्न करता है। कभी-कभी यह यकृत, फेफड़ों, मस्तिष्क और वृषणों में भी पहुँच जाता है। एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका अन्य स्तनधारी जैसे गोरिल्ला, कुत्ता, बिल्ली, सुअर और गिब्बन आदि में भी देखा गया।

संरचना (Structure) - एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका एक सूक्ष्मदर्शीय परजीवी अमीबा है। यह अपने जीवन चक्र में तीन रूपों में मिलते हैं -

(i) ट्रोफोजोइट (Trophozoite)
(ii) प्रीसिस्टिक (Precystic)
(iii) सिस्टिक (Cystic)

1. ट्रोफोजोइट और मैग्ना (Trophozoite Or Magna) - यह सबसे अधिक सक्रिय, सचल और अशनी रूप है, जो मानव में रोग उत्पन्न करता है। यह मनुष्य की बड़ी आँत की श्लेष्म और उपलेश्म पर्तों में पाया जाता है। इसकी ब्राह्म कोशिका कला पतली, लचीली एवं अर्द्धपारगम्य (Semi- Permeable) है।

इसका कोशिका द्रव्य कणिका विहीन, बाह्य एक्टोप्लाज्म (Ectoplasm) तथा केन्द्रीय, कणिकामय, एण्डोप्लाज्म में विभेदित रहता है। एण्डोप्लाज्म में एक केन्द्रक होता है। जिसके चारों ओर एक पतली केन्द्रकला पायी जाती है। इसके अन्तः सतह पर अतिसूक्ष्म (Chromatin granules) परिधि पर व्यवस्थित रहते हैं। केन्द्रक के केन्द्र में एक छोटी व गोल संरचना पायी जाती है जिसे एण्डोसोम या केरयोसोम (Karyosome) कहते हैं। एण्डोसोम को घेरे हुए एक साफ क्षेत्र पाया जाता है जिसे Halo (हेलो) कहते हैं। Endoplasm में Food vacuoles भी पायी जाती है जिनमें अन्तर्ग्रहित RBC, WBC, Leucoytes और जीवाणु पाये जाते हैं। एण्टअमीबा एक समपरासरी (Isotonic) वातावरण में रहता है। अतः इसमें संकुचनशील रिक्तिका (Contractile Vacuole) का अभाव होता है। एण्टअमीबा एक कूटपादी (Monopodial) होता है, जो गति में सहायक होते हैं। इसकी गति लाइमैक्स गति कहलाती है। (Trophozoite) में (holozoic) पोषण होता है। यह भक्षपोषित विधि से अशन करता है।

 

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2. प्रीसीस्टिक या माइन्यूटा (Precystic or Minuta) : यह छोटा, गोलाकार, अचल और अनाशनी (Non-feeding) होता है। यह रोग उत्पन्न नहीं करता। इसकी संरचना ट्रोफोजोइट के समान होती है। इसका आकार छोटा होता है। इसमें खाद्य धानियों का अभाव होता है। यह मनुष्य की बड़ी आँतों के Lumen में पाया जाता है।

3. पुटियाँ (Cysts) : सामान्य अवस्था में माइन्यूटा रूपों का पुटीभवन होने के कारण यह गोलाकार हो जाता है। आरम्भ में पुटी में एक केन्द्रक होता है। कुछ समय पश्चात् केन्द्रक के विभाजन होने से पुटी द्विकेन्द्रकी और अन्त में चतुष्क्रेन्द्रकी (quadrinucleate) हो जाती है।

एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका का जीवन-चक्र (Life Cycle of Entamoeba Histolytica) : एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका एक पोषीय (Monogenetic) प्राणी है अर्थात् जीवन चक्र में केवल एक परपोषी होता है। सुअर, कुत्ते व खरगोश इसके आशयी परपोषी हैं। मनुष्य इसका एक परपोषी है जिसके अन्दर इसकी जनन क्रिया एवं जीवन चक्र पूरा होता है। ट्रोफोजोइट आँत की भित्ति के अन्दर द्विखण्डन (binary fission) द्वारा अलैंगिक रूप से जनन करता है। इसके केन्द्रक में केन्द्रक कला के विलुप्त हुए बिना ही सूत्री विभाजन होता है जिसके बाद तुरन्त कोशिकाद्रव्य विभाजन द्वारा एक से दो सन्तति जीव उत्पन्न होते हैं।

इनमें से कुछ नई कोशिका में प्रवेश करके प्रीसिस्टिक या माइन्यूटा कप धारण कर लेते हैं प्रीसीस्टिक या माइन्यूटा रूपों का पुटीभवन केवल आँत की गुहा के ही अन्दर होता है। विभाजन करके ये चतुष्केन्द्रकी पुटी का निर्माण करते हैं। चतुष्केन्द्रकी पुटी संक्रमणकारी अवस्था है।

एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका की पुटियों से युक्त भोजन व जल का उपयोग करने से मनुष्य में इसका संक्रमण हो जाता है। गृहमक्खियाँ एवं तिलचट्टे इसको फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब ये पुटी छोटी आँत में पहुँचती है तो वहाँ ट्रिप्सिन एन्जाइम पुटिभित्ति का पाचन कर देता है जिससे चतुष्केन्द्रकी अमीबा या मेटासिस्ट मुक्त हो जाता है।

प्रत्येक पश्चपुटी या मेटासिस्ट बाहर निकलने के पश्चात् द्विखण्डन द्वारा विभाजन करता है जिसके फलस्वरूप छोटे-छोटे आठ एककेन्द्रकीय अमीब्यूली व मेटासिस्टिक ट्रोफोजोइट बन जाते हैं। ये बड़ी आँत में प्रवेश करके वयस्क ट्रोफोजोइट में विकसित हो जाते हैं।

 

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रोगजनकता एवं लक्षण (Amoebiasis अमीविएसिस) - ण्टअमीबा हिस्टोलायटिका से अमीवियसिस बीमारी उत्पन्न होती है इसे अमीबी पेचिश भी कहा जाता है। इसके (Trophozoites) परपोषी की बड़ी आँत की भित्ति में घुसकर Histolytic Enzyme का स्राव करते हैं और आँत की भित्ति की Cells को खाते हैं, जिससे Ulcers बन जाती है। ये Ulcers फूटकर आँत में Blood और श्लेष्मा छोड़ती है। जो मल के साथ बाहर आने लगता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में ये Trophozoites यकृत, फुफ्फस और मस्तिष्क में भी पहुँच जाते हैं और फुंसियाँ (abscess) बना देते हैं।

रोकथाम एवं नियंत्रण (Control) - उचित सफाई रखकर स्वच्छ पानी का प्रयोग कर, सब्जियों या फलों को अच्छी तरह घुलकर काफी हद तक इस बीमारी से बचा जा सकता है। बहुत सी औषधियाँ जैसे एमेटिन (Emetin), एरिथ्रोमाइसिन (Erythromycin), औरियोमाइसिन (Aureomycin), मेट्रोमिडेजोल (Metromidazole) इत्यादि औषधियों से इस रोग में शीघ्र आराम मिलता है।

 

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- कोशा कला की सूक्ष्म संरचना जानने के लिए सिंगर और निकोल्सन की तरल मोजैक विचारधारा का वर्णन कीजिए।
  2. प्रश्न- कोशिका सिद्धान्त से आप क्या समझते हैं? प्राणि कोशिका का नामांकित चित्र बनाइए तथा पाँच कोशिका उपांगों के मुख्य कार्यों का वर्णन कीजिए।
  3. प्रश्न- निम्नलिखित वैज्ञानिकों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए - (i) एन्टोनी वान ल्यूवेन हॉक (ii) श्लीडेन तथा श्वान्स
  4. प्रश्न- अन्तरकोशिकीय संचार या कोशिका कोशिका अन्तर्क्रिया पर टिप्पणी लिखिए।
  5. प्रश्न- कोशिका-एडहेसन का वर्णन कीजिए।
  6. प्रश्न- निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए - (i) माइक्रोट्यूब्ल्स (ii) माइक्रोफिलामेन्टस (iii) इन्टरमीडिएट फिलामेन्ट
  7. प्रश्न- माइटोकॉण्ड्रिया की संरचना व कार्यों का वर्णन कीजिए।
  8. प्रश्न- एण्डोप्लाज्मिक रेटीकुलम की संरचना तथा कार्यों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
  9. प्रश्न- राइबोसोम की संरचना एवं कार्यों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  10. प्रश्न- परऑक्सीसोम पर टिप्पणी लिखिए।
  11. प्रश्न- वेंकटरमन रामाकृष्णन पर टिप्पणी लिखिए।
  12. प्रश्न- बाह्य प्रोटीन और समाकल प्रोटीन कोशिका कला की पारगम्यता को किस प्रकार प्रभावित करती हैं?
  13. प्रश्न- हरितलवक और माइटोकॉण्ड्रिया में मिलने वाले समान लक्षणों का वर्णन कीजिए।
  14. प्रश्न- परॉक्सीसोम किन कोशिकांगों के साथ मिलकर प्रकाशीय श्वसन (फोटोरेस्पिरेशन) की क्रिया सम्पन्न करता है? प्रकाशीय श्वसन के जैविक कार्यों की समीक्षा प्रस्तुत कीजिए।
  15. प्रश्न- केन्द्रक की संरचना का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
  16. प्रश्न- उपयुक्त आरेखों के साथ गुणसूत्र आकारिकी व परासंरचना का वर्णन कीजिए।
  17. प्रश्न- “गुणसूत्रों की विशेष किस्में” विषय पर एक निबन्ध लिखिए।
  18. प्रश्न- न्यूक्लिक अम्ल क्या होते हैं? डी.एन.ए. की संरचना तथा प्रकृति का वर्णन कीजिए।
  19. प्रश्न- वाट्सन तथा क्रिक के द्वारा प्रस्तुत डी. एन. ए. की संरचना का वर्णन कीजिए तथा डी. एन. ए. के विभिन्न प्रकार बताइए।
  20. प्रश्न- राइबोन्यूक्लिक अम्लों की रचना का वर्णन कीजिए तथा इसके जैविक एवं जैव-रासायनिक महत्व पर प्रकाश डालिए।
  21. प्रश्न- मेसेल्सन एवं स्टेहल के उस प्रयोग का वर्णन कीजिए जो अर्द्ध-संरक्षी डी. एन. ए. पुनरावृत्ति को प्रदर्शित करता है।
  22. प्रश्न- जेनेटिक कोड पर टिप्पणी लिखिए।
  23. प्रश्न- गुणसूत्रों की रचना एवं प्रकार का वर्णन कीजिए।
  24. प्रश्न- न्यूक्लिओसोम का वर्णन कीजिए।
  25. प्रश्न- सहलग्नता क्या है? उचित उदाहरण देते हुए इसके महत्त्व की चर्चा कीजिए।
  26. प्रश्न- क्रॉसिंग ओवर को उदाहरण सहित समझाइए तथा इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
  27. प्रश्न- सेण्ट्रोसोम की परिभाषा लिखिए।
  28. प्रश्न- क्रोमेटिन के प्रकारों को बताते हुए हेटेरोक्रोमेटिन को विस्तार से समझाइये।
  29. प्रश्न- किसी एक प्रायोगिक साक्ष्य द्वारा सिद्ध कीजिये कि डी.एन.ए. ही आनुवांशिक तत्व है।
  30. प्रश्न- गुणसूत्र पर पाये जाने वाले विभिन्न अभिरंजन और पट्टिका प्रतिमानों का वर्णन कीजिए।
  31. प्रश्न- B गुणसूत्र का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  32. प्रश्न- डी.एन.ए. और आर.एन.ए. में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  33. प्रश्न- RNA कौन-सा आनुवंशिक कार्य DNA की तरह पूरा करता है?
  34. प्रश्न- नीरेनबर्ग तथा एच.जी.खोराना के योगदान का वर्णन कीजिए।
  35. प्रश्न- क्या RNA का एक स्ट्रेण्ड दूसरा स्ट्रेण्ड संश्लेषित कर सकता है?
  36. प्रश्न- DNA की संरचना फॉस्फोरिक एसिड, पेन्टोज शर्करा तथा नत्रजन क्षार से होती है। इसके वस्तुतः आनुवंशिक तत्व कौन से हैं?
  37. प्रश्न- वाटसन एण्ड क्रिक पर टिप्पणी लिखिए।
  38. प्रश्न- DNA की पुनरावृत्ति में सहायक एन्जाइमों का वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- कोशिका चक्र से आप क्या समझते हैं? इण्टरफेज में पायी जाने वाली कोशिका चक्र की विभिन्न प्रावस्थाओं का वर्णन कीजिए।
  40. प्रश्न- समसूत्री कोशिका विभाजन का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए तथा समसूत्री के महत्व पर एक टिप्पणी लिखिए।
  41. प्रश्न- अर्धसूत्री कोशिका विभाजन का सविस्तार वर्णन कीजिए तथा इसके महत्व का उल्लेख कीजिए।
  42. प्रश्न- समसूत्री तथा अर्धसूत्री विभाजन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  43. प्रश्न- एक संकर संकरण क्या है? कम से कम दो उदाहरणों को बताइए।
  44. प्रश्न- स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम को समझाइए।
  45. प्रश्न- एक उपयुक्त उदाहरण देते हुए अपूर्ण प्रभाविकता पर एक टिप्पणी लिखिए।
  46. प्रश्न- जन्तुओं में लिंग निर्धारण की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
  47. प्रश्न- मानव में लिंग निर्धारण कैसे होता है?
  48. प्रश्न- लिंग निर्धारण में प्राकृतिक कारकों के प्रभाव का उदाहरण सहित विस्तृत वर्णन कीजिए।
  49. प्रश्न- वंशानुगत तथा आनुवंशिकी में अन्तर बताइए।
  50. प्रश्न- आनुवंशिकी का जनक किसको वस्तुतः कहा जाता है?
  51. प्रश्न- समप्रभाविता की वंशागति को समझाइए।
  52. प्रश्न- “समलक्षणी जीवों की जीनी संरचना भिन्न हो सकती है। यह कथन सही है अथवा गलत? क्यों?
  53. प्रश्न- ग्रीगर जॉन मेण्डल के योगदान को रेखांकित कीजिए।
  54. प्रश्न- कौन-सा कोशिका विभाजन गैमीट पैदा करता है?
  55. प्रश्न- स्यूडोडोमिनेंस पर टिप्पणी लिखिए।
  56. प्रश्न- टेस्ट क्रॉस एवं बैक क्रॉस में अन्तर बताइए।
  57. प्रश्न- टेस्ट क्रॉस तथा बैक क्रॉस को समझाइए।
  58. प्रश्न- मानव में बार बॉडी के महत्व को समझाइये।
  59. प्रश्न- लिंग प्रभावित वंशागति एवं लिंग सीमित वंशागति में अन्तर बताइए।
  60. प्रश्न- लिंग सहलग्न, लिंग प्रभावित और लिंग सीमाबद्धित लक्षणों के बीच सोदाहरण विभेदकीजिए।
  61. प्रश्न- मेरी एफ. लिओन की परिकल्पना समझाइए।
  62. प्रश्न- कारण स्पष्ट कीजिए कि नर मधुमक्खी में शुक्राणुओं का निर्माण समसूत्री विभाजन द्वारा क्यों होता है?
  63. प्रश्न- ZW टाइप लिंग निर्धारण पर टिप्पणी लिखिए।
  64. प्रश्न- पक्षियों में लिंग निर्धारण प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
  65. प्रश्न- स्तनधारी मादा की शुरूआती अवस्था में कौन-सा X क्रोमोसोम हेट्रोक्रोमेटाइज हो जाता है, माता का या पिता का?
  66. प्रश्न- मल्टीपिल ऐलीलिज्म पर एक निबन्ध लिखिए।
  67. प्रश्न- Rh-तत्व क्या है? इसके महत्व एवं वंशागति का वर्णन कीजिए।
  68. प्रश्न- जीन की अन्योन्य क्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरणों की सहायता से जीन की अन्योन्य क्रिया की विधि का वर्णन कीजिए।
  69. प्रश्न- सहलग्नता क्या है? उचित उदाहरण देते हुए इसके महत्त्व की चर्चा कीजिए।
  70. प्रश्न- क्रॉसिंग ओवर को उदाहरण सहित समझाइए तथा इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
  71. प्रश्न- एक स्त्री का रक्त समूह 'AB' व उसके बच्चे का रक्त समूह '0' है। कारण सहित स्पष्ट कीजिए कि उस बच्चे के पिता का रक्त समूह क्या होगा?
  72. प्रश्न- एक Rh + स्त्री, Rh पुरुष से शादी करती है। इनकी संतति में एरेथ्रोब्लास्टोसिस की क्या सम्भावना है?
  73. प्रश्न- लैंडस्टीनर के योगदान का वर्णन कीजिए।
  74. प्रश्न- रक्त समूह को समझाइए।
  75. प्रश्न- जिनोम को परिभाषित कीजिए।
  76. प्रश्न- 'गृह व्यवस्थापक जीन' या 'रचनात्मक जीन' के बारे में बताइये।
  77. प्रश्न- प्रभावी तथा एपीस्टेटिक जीन में क्या अन्तर है?
  78. प्रश्न- लीथल जीन्स पर टिप्पणी लिखिए।
  79. प्रश्न- पूरक जीन क्रिया को परिभाषित कीजिए।
  80. प्रश्न- गुणसूत्र पर पाये जाने वाले विभिन्न अभिरंजन और पट्टिका प्रतिमानों का वर्णन कीजिए।
  81. प्रश्न- हेट्रोक्रोमेटिन और उसके लक्षण पर टिप्पणी लिखिए।
  82. प्रश्न- क्रासिंग ओवर उद्विकास की प्रक्रिया है। स्पष्ट कीजिए।
  83. प्रश्न- लिंकेज ग्रुप पर टिप्पणी लिखिए।
  84. प्रश्न- सामान्य मानव कैरियोटाइप का वर्णन कीजिए।
  85. प्रश्न- गुणसूत्रीय विपथन पर एक निबन्ध लिखिए।
  86. प्रश्न- असुगुणिता किसे कहते हैं? विभिन्न प्रकार की असुगुणिताओं का वर्णन कीजिए तथा इनकी उत्पत्ति के स्रोत बताइए।
  87. प्रश्न- लिंग सहलग्न वंशागति से आप क्या समझते हैं? मनुष्य या ड्रोसोफिला के सन्दर्भ में इस परिघटना का उदाहरणों सहित विवेचन कीजिए।
  88. प्रश्न- क्लाइनफिल्टर सिंड्रोम कार्यिकी अथवा गुणसूत्र के असामान्य स्थिति का परिणाम है। स्पष्ट कीजिए।
  89. प्रश्न- मंगोलिज्म या डाउन सिन्ड्रोम क्या है?
  90. प्रश्न- टर्नर सिन्ड्रोम उत्पन्न होने के कारण एवं उनके लक्षण लिखिए।
  91. प्रश्न- समक्षार उत्परिवर्तन पर टिप्पणी लिखिए।
  92. प्रश्न- अनुप्रस्थ विस्थापन पर टिप्पणी लिखिए।
  93. प्रश्न- पोजीशन एफेक्ट क्या है? उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
  94. प्रश्न- लिंग सहलग्नता प्रक्रिया को समसूत्री नर व समसूत्री मादा में स्पष्ट कीजिए।
  95. प्रश्न- वर्णान्ध व्यक्ति रेलवे ड्राइवर क्यों नहीं नियुक्त किये जाते हैं?
  96. प्रश्न- मानव वंशागति के अध्ययन में क्या मुख्य कठिनाइयाँ हैं?
  97. प्रश्न- संक्रामक जीनों से आप क्या समझते हैं?
  98. प्रश्न- वंशावली विश्लेषण पर टिप्पणी लिखिए।
  99. प्रश्न- लिंग सहलग्न वंशागति के प्रारूप का वर्णन कीजिए।
  100. प्रश्न- अफ्रीकी निद्रा रोगजनक परजीवी की संरचना एवं जीवन चक्र का वर्णन कीजिए।
  101. प्रश्न- वुचरेरिया बैन्क्रोफ्टाई के वितरण, स्वभाव, आवास तथा जीवन चक्र का वर्णन कीजिए।
  102. प्रश्न- जिआर्डिया पर एक विस्तृत लेख लिखिए।
  103. प्रश्न- एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका की संरचना, जीवन-चक्र, रोगजन्यता एवं नियंत्रण का वर्णन कीजिए।
  104. प्रश्न- अफ्रीकी निद्रा रोग क्या है? यह कैसे होता है? इसके संचरण एवं रोगजनन को समझाइए। इस रोग के नियंत्रण के उपाय बताइए।
  105. प्रश्न- फाइलेरिया क्या है? इसके रोगजनकता एवं लक्षणों तथा निदान का वर्णन कीजिए।
  106. प्रश्न- जिआर्डिया के प्रजनन एवं संक्रमित रोगों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  107. प्रश्न- जिआर्डिया में प्रजनन पर टिप्पणी लिखिए।
  108. प्रश्न- जिआर्डिया पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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